👉राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया
लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने 7 अप्रैल 2026 की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 1,40000 से भी अधिक शिक्षामित्र एवं 24000 से अधिक अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय पर मंत्री परिषद की मोहर लगने पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि शिक्षामित्रों को अब 10000 के स्थान पर 18000 का मानदेय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 24716 अंशकालिक अनुदेशकों को 17000 का मानदेय मिलेगा।
संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री का विशेष आभारव्यक्त करते हुए प्रदेश में कार्यरत 2,40000 आशा बहू ,आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भी मानदेय बढ़ाए जाने के लिए मुख्यमंत्री के आधिकारिक ई मेल पर पत्र प्रेषित किया है। जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी एवं आशा बहुओं का मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा सदन में पहले ही कर चुके हैं, लेकिन अभी तक आशा बहू एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मानदेय राशि निर्धारित नहीं हो सकी है। आशा कार्यकत्रियों को भी न्यूनतम 18000 का मानदेय दिए जाने का अनुरोध संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री जी से किया है ।
संयुक्त परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला ने शिक्षामित्र एवं अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए महिलाओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए आशा बहुओं का मानदेय भी बढ़ाए जाने की अपेक्षा किया है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि प्रदेश की आशा बहुओं,आशा संगिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मानदेय पर कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए भी सरकार न्यूनतम मानदेय का निर्धारण शीघ्र ही करेगी।
संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने प्रदेश के कर्मचारियों को अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री जी कर्मचारियों की मांगों का संज्ञान लेकर कार्यवाही कर रहे हैं। बहुत जल्दी ही कर्मचारियों की लंबित मांगों पर संयुक्त परिषद के अनुरोध के अनुसार कार्यवाही संभावित है। संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने कर्मचारियों की मांगों पर वार्ता कर कार्यवाही किए जाने का एक पत्र मुख्य सचिव को भी भेजा है।



