चीफ एडिटर महफूज़ अहमद
सुलतानपुर/रामगंज/अमेठी। रामगंज थानाक्षेत्र के छीड़ा गाँव निवासी अभियोगी जयशंकर गुप्ता सुत मोहन गुप्ता ने बीते 19 जुलाई समय रात लगभग 9 बजे की घटना बताते हुए स्थानीय थाना रामगंज में रामकिशोर यादव सुत रामबली, प्रमिला यादव पत्नी रामकिशोर,राजेश यादव,राजकुमार यादव सहित छह लोगों के खिलाफ गाली गलौज,जान से मारने की धमकी व घर में घुसकर मारपीट करने एवं प्रार्थी के बहू का सोने का बाला छीन लेने का आरोप लगाते हुए तहरीर दिया था परन्तु रामगंज पुलिस द्वारा जयशंकर गुप्ता का मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया बल्कि विपक्षी की तहरीर पर इन्ही के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर इनका मुकदमा दर्ज करने हेतु थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक के यहाँ तक कई दिनों तक दौड़ाया जाता रहा। पुलिस द्वारा कोई कारवाई न होता देख अभियोगी जयशंकर ने न्यायालय की शरण लिया।अभियोगी जयशंकर गुप्ता के प्रार्थना पत्र पर सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह के यहाँ सुनवाई हुई अभियोगी के अधिवक्ता विवेक दूबे चन्दन की बहस व तर्कों से सहमत होकर न्यायालय ने थानाध्यक्ष रामगंज को उपरोक्त मामले में आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।अभियोगी जयशंकर गुप्ता के अधिवक्ता विवेक दूबे चन्दन ने बताया की उपरोक्त मामले में रामगंज पुलिस ने पूर्व में आरोपियों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन अभियोगी जयशंकर का केस नहीं दर्ज किया था न्यायालय ने थानाध्यक्ष रामगंज को विपक्षी और अभियोगी के मामले मे संयुक्त रूप से विवेचना करने एवं परिणाम से जल्द अवगत कराने का आदेश दिया है। न्यायालय से अभियोगी को राहत मिलने से आरोपियों और रामगंज पुलिस को करारा झटका लगा है।



