जहर लेकर समाधान दिवस पहुंची युवती
अलमापुर गांव निवासी सत्यभामा प्रार्थना पत्र और झोले में जहर की एक पुडिया भी साथ ले गई उन्होने पुलिस और राजस्व अधिकारी के समक्ष जहर भी निकाल कर दिखाया जिसके बाद वहां मौजूद लोगो के होश उड़ गए, तभी वहां मौजूद राजस्व कर्मचारी ने जहर की पुडिया हाथ से छीन लिया, और फिर जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस और राजस्व टीम पीड़िता को साथ लेकर अलमापुर गांव गई और मौके का जायजा लेते हुए, पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
बोली साहब दो वर्षो से न्याय नही दिला पा रहा राजस्व और पुलिस प्रशासन
हैदरगढ़ बाराबंकी। बीते दो वर्षो से न्याय की फरियाद लगाते लगाते थक-हार कर एक युवती सोमवार को जहर की पुड़िया लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच गई, और डीएम के चरणों पर गिरकर न्याय की दिलाए जाने की मांग करने लगी, पास खड़े पुलिस कर्मियों महिला को उठाया, जिसके बाद डीएम ने महिला की बात सुनी और वहां मौजूद राजस्व और पुलिस अधिकारियों को महिला को न्याय दिलाने की बात कह कर अपने गंतव्य को रावाना हो गए। जिसके बाद पुलिस और राजस्व टीम महिला को लेकर कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के अलमापुर गांव के लिए रवाना हो गई।
जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के अलमापुर गांव निवासी सत्यभामा सिंह पुत्री तेज बहादुर सिंह सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस पहुंची। समाधान दिवस प्रभारी को पीड़िता ने प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि घर के बगल 22 वर्ष पूर्व ग्रामपंचायत द्वारा सरकारी नाली का निर्माण करवाया था, तब से लेकर एक वर्ष पूर्व तक घर का दूषित पानी इसी नाली में जाता था। पीड़िता ने बताया गांव निवासी मुकेश सिंह, दुर्गेश सिंह पुत्रगण जगतपाल िंसंह व शशि मयंक सिंह पुत्र मनोज सिंह, मयंक सिंह पुत्र हरिनरायण सिंह द्वारा नाली को तोड डाला फिर उसमें पाइप डालकर उस पर फर्श का निर्माण कर लिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों ने मारपीट भी किया। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस के अलावा राजस्व और ब्लाक अधिकारी से किया लेकिन सुनवाई नही हुई, पीड़िता न्याय के लिए अधिकारियों की चौखटो पर दस्तक देती रही प्रार्थना पत्रों की ढेर लग गई लेकिन किसी भी अधिकारी ने महिला की फरियाद नही सुनी। सोमवार को जब पीड़िता सत्यभामा को जानकारी हुई की जिला अधिकारी आएगे तो वह वहां अपनी फारियाद लेकर वहां भी पहुंच गई। जहां तहसील कर्मचारियों के गेट पर खड़े कुछ लोगो ने पीड़ित को अंदर जाने से मना किया। पीड़िता किसी तरह समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने में कामयाब हो गई। दोपहर दो बजे जब समाधान दिवस खत्म हुआ तो डीएम तहसील से बाहर निकले तभी महिला जिलाधिकारी के पैरो पर गिर पड़ी और फफक कर रो पड़ी और हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की बात कहने लगी जिसके बाद जिलाधिकारी ने वहां मौजूद अधिकारियों को समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया। डीएम के जाने के बाद राजस्व और पुलिस बल मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया। अब देखना है कि पीड़िता सत्यभामा को न्याय मिलता है कि फिर उसकी फाइल ठंडे बस्ते में चली जाएगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।



