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लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अवध प्रांत मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई ने कहा कि एबीवीपी द्वारा प्रत्येक वर्ष स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों को अभाविप की वर्ष भर की गतिविधियों के बारे अवगत करा कर तथा राष्ट्र पुनर्निर्माण की भावना से अपने निर्धारित किए हुए लक्ष्य को बताते हुए छात्र छात्राएं एवं शिक्षकों को सदस्यता दिलाई जाती है।
प्रांत मंत्री ने बताया कि इस वर्ष अवध प्रांत में 8,27,366 सदस्यता का लक्ष्य लिया था” जिसमें अवध प्रांत ने अभी तक विद्यालय सदस्यता अभियान के तहत 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सदस्यता बनाया है।
20 अगस्त को अधिकतम सदस्यता दिवस के दिन अवध प्रांत ने 1,23,318 छात्र एवं छात्राओं को एबीवीपी की सदस्यता दिलाकर अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर विद्यार्थियों को राष्ट्र पुनर्निर्माण की भावना से प्रेरित किया।
आगामी 22 अगस्त से महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में छात्र एवं छात्राओं की सदस्यता कराई जाएगी ।
प्रांत मंत्री ने कहा स्थापना काल से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्र हित और राष्ट्र हित से जुड़े प्रश्नों को प्रमुखता से उठाया है और देश व्यापी आंदोलनों का नेतृत्व किया है। आज इस संगठन से जुड़े रहे लोग समाज-जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
बांग्लादेशी अवैध घुसपैठ और कश्मीर से धारा ३७० को हटाने के लिए विद्यार्थी परिषद समय-समय पर आदोलन चलाते रहा है। बांग्ला देश को तीन बीघा भूमि देने के विरुद्ध परिषद ने ऐतिहासिक सत्याग्रह किया था। विद्यार्थी परिषद् देशभर के अनेक राज्यों में प्रकल्प चलाती है।
बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नाम सबसे ज्यादा रक्तदान करने का रिकॉर्ड है। इसके अतिरिक्त निर्धन मेधावी छात्र, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिय़े निजी कोचिंग संस्थानों में नहीं जा सकते उनके लिये स्वामी विवेकानंद नि:शुल्क शिक्षा शिविर का आयोजन किया जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की ओर से हर एक साल Student exchange for inter-state living का आयोजन किया जाता है जिसके अंतर्गत दूसरे राज्य में रहने वाले छात्र अन्य राज्यों में प्रवास करते हैं और वहां की संस्कृति और रहन-सहन से परिचित होते हैं।



