संपादक महफूज़ अहमद
लखनऊ/आजमगढ़। पूर्वाचल एक्सप्रेस वे के अगल-बगल के गांवों में जबरिया भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान के जरिए सम्पर्क संवाद स्थापित कर किसानों की मूल सवालो को सुनने समझने की कोशिश की जा रही है।
पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि गांव के किसान बता रहे हैं जहां नहरों में पानी नहीं है वहीं अघोषित व मनमाना तरीके से बिजली कटौती के कारण धान की सिंचाई प्रभावित हो रही है। साजिशन यूरिया खाद बाजार से गायब कर दिया गया है। जहां मिल भी रही है वहां दुकानदार एक बोरी यूरिया के साथ 300 रूपए का जिंक व सल्फर दे रहे हैं। 266 रू में मिलने वाली यूरिया किसान को मजबूरी में 600 रूपए में खरीदना पड़ रहा है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।
हस्ताक्षर अभियान में शामिल किसानों ने संकल्प लिया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के अगल-बगल के गावो के किसान अपनी एक इंच जमीन किसी भी परियोजना के लिए नहीं देंगे।
हस्ताक्षर अभियान में महेंद्र, मिथलेश आदि शामिल रहे।



