👉न्याय न होने पर होगा सत्याग्रह
लखनऊ। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने आमसभा कर अपने लिये न्याय प्राप्त करने की मुहिम की शुरुआत कर मुख्यमंत्री जी को पत्र प्रेषित कर जनपद न्यायालय कार्मिकों के शासन में लंबित कार्यों पर एक माह में सकारात्मक कार्यवाही का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय़ है कि संघ द्वारा जनपद लखनऊ में आमसभा आयोजन कर प्रदेश की जिला शाखाओं की उपस्थिति में अपने लिये न्याय पाने के लिये सत्याग्रह का रास्ता चुना है।
संघ के महासचिव नरेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र प्रेषित कर वर्ष 2021 एवं 2022 से लंबित जिला न्यायालय सेवा नियमावली संशोधन के प्रख्यापन, न्यायालय के आदेशानुपालन में संविदा कर्मिकों के वेतन मे बढ़ोत्तरी एवं नियमतीकरण, जनपद न्यायालयों में लोप हो चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद के पुनर्स्थापन, ग्रेड वेतन 4600 के लिपिकीय कार्मिकों को अन्य विभागों की तरह राजपत्रित प्रतिष्ठा प्रदान किये जाने तथा मकान किराया भत्ता की दरों के पुनरीक्षण हेतु अनुरोध किया है। ये कार्य शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं।
संघ द्वारा प्रेषित पत्र में मुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुये संघ नें उक्त लंबित कार्यों को कराये जाने का अनुरोध किया है संघ नें सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया है कि यदि एक माह में शासन द्वारा सकारात्मक कार्यवाही न की गयी तो न्यायालय कर्मचारी सत्याग्रह हेतु बाध्य होगा एवं एक माह बाद सत्याग्रह का आरंभ होगा। सत्याग्रह की रूपरेखा प्रांतीय कार्यकारिणी द्वारा समयानुसार निर्धारित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
संघ की आमसभा में प्रदेश से संघ सदस्य, प्रांतीय अध्यक्ष अभिषेक सिंह, प्रांतीय संरक्षक डा नृपेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित यादव, उपाध्यक्ष श्रीमती कुमकुम, कोषाध्यक्ष नीरज श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव सुधीर श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।



