जंतरमंतर पर 2 अगस्त को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के संबंध में रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस जब तक वापस नहीं ली जाती, तब तक जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने तथा मोहम्मद आज़म ख़ान और अब्दुल्लाह आज़म ख़ान को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से देशव्यापी जनआंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में 2 अगस्त 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से ध्वस्तीकरण की नोटिस वापस लेने की मांग की जाएगी।
मोहम्मद अरशद खान ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति प्रदान करेंगे, जिससे नागरिक संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का प्रयोग कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर छात्र-छात्राओं द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से चलाए जा रहे धरना-प्रदर्शन को पुलिस प्रशासन द्वारा देर रात बलपूर्वक हटाया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को बल प्रयोग से समाप्त करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता और ऐसे मामलों में संवाद तथा संवैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने देश के लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा संस्थानों में विश्वास रखने वाले सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, छात्र-युवा संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे 2 अगस्त को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में आयोजित शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर शिक्षा, न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद करें।



