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पीड़ित परिवार ने लगायी सीएम से न्याय की गुहार
बाराबंकी। थाना लोनीकटरा अन्तर्गत एक गांव के प्रधान प्रतिनिधि ने अपने समर्थकों के साथ में एक गरीब परिवार पर कहर बनकर टूट पड़े हैं। आबादी की जमीन पर वर्षों से काबिज परिवार को वहां से हटाने के लिए प्रधान प्रतिनिधि ने ऐड़ी-चोटी का जोड़ लगा रखा है। दिन दहाड़े अपने समर्थकों के साथ में प्रधान प्रतिनिधि ने गरीब परिवार का आषियाना ध्वस्त कर दिया और बाद में गरीब परिवार के मुखिया और उसके बेटे की पिटाई करके लहूलुहान कर दिया। एसपी के निर्देष पर लोनीकटरा पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नही किया। दबंगो के कहर से बचने के लिए पीड़ित परिवार ने प्रदेष के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर सुरक्षा की गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार, थाना लोनीकटरा क्षेत्र के ग्राम कान्हूपुर निवासी अषोक तिवारी अपने बेटे बिजेन्द्र तिवारी व पत्नी के साथ में रहकर अपनी जीविका चला रहा है। कान्हूपुर मंझूपुर मार्ग पर उसके खेत हैं। खेत के बगल आबादी की जमीन पड़ी हुई है। जिस जमीन के आधे से ज्यादा भाग पर गांव के सरहंग लोगों ने अपना कब्जा जमा रखा है। थोड़ी आंषिक जमीन पर अषोक कुमार का कब्जा कई दषकों से चला आ रहा है। वर्ष 2021 में जब ग्राम प्रधान का चुनाव हुआ तो अषोक कुमार ने अपने पुत्र वधू स्वाति तिवारी को चुनाव मैदान में उतार दिया। अच्छा चुनाव लड़ने के बावजूद भी स्वाति चुनाव हार गयी। उनके स्थान पर शीलापाल पत्नी अनिल पाल प्रधान बन गयी। कहने को शीलापाल प्रधान है लेकिन प्रधानी का कामकाज उनके एक रिष्ते में देवर लगने वाले रिंकू पाल पुत्र मिश्रीलाल देखने लगे। प्रधान प्रतिनिधि बनने के बाद से ही रिंकू पाल के तेवर बदल गये। चुनाव के पहले रिंकू पाल गांव वालों का अदब करते थे लेकिन वह लिहाज करना वह पूरी तरह से भूल गये। आयेदिन पिछले तीन वर्षों के अन्दर उन्होने जमकर आंतक मचाया। चूंकि अषोक तिवारी की पुत्रवधू स्वाति तिवारी ने उनके खिलाफ प्रधानी का चुनाव लड़ा था उसी को रंजिष मानते हुए उन्होने आबादी की कुछ जमीन को लेकर अषोक के खिलाफ जंग छेड़ दी। अषोक का कहना था कि यह जमीन हमारे खेत से मिली हुई है और इस पर दषको से कब्जा हमारे पुरखों का चला आ रहा है। मैने तो थोड़ी ही जमीन आबादी की अपने कब्जे में ले रखी है। जिन लोगों ने आबादी की पूरी जमीन कब्जा कर रखा है। उनसे क्यों नही जा करके जमीन खाली करवाते हो। जब सीधे मुंह बात नही बनी तो प्रधान प्रतिनिधि ने बीती 3 जून को आबादी की जमीन पर बने निर्माण को गिरा दिया। चूंकि उस दौरान अषोक ने किसी को देखा नही था इसलिए उसने अज्ञात लोगों के खिलाफ में थाना लोनीकटरा में जाकर षिकायत की। तत्कालीन थाना प्रभारी ने पीड़ित अषोक से कहा कि तुम जाकर पुनः अपना छप्पर और दीवार का निर्माण करवा सकते हो थाना प्रभारी के निर्देष के बाद अषोक ने पुनः छप्पर और दीवार खड़ी कर दी। बीती 12 जून की सुबह 10 बजे ही प्रधान प्रतिनिधि अपने दर्जनों समर्थकों के साथ में पहुंचे और आबादी की जमीन पर रखे छप्पर और पक्की दीवार सहित अन्य कीमती सामान को नष्ट कर डाला। करीब एक घण्टे तक यह नंगा नाच चलता रहा। लेकिन किसी ने आवाज उठाने की कोषिष नही की। दबंगो ने छप्पर में आग भी लगा दी। पीड़ित अषोक के बेटे ने फोन द्वारा जब 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों के सामने भी दबंगो का नंगा नाच चलता रहा। जब थाना प्रभारी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे तो दबंग वहां से यह धमकी देकर चले गये अगर पुनः इस जमीन पर कब्जा किया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। पीड़ित ने इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी लोनीकटरा से लेकर उच्चाधिकारियों से लिखित षिकायत की लेकिन न्याय नही मिला। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली न्यायालय ने बीती 27 जून को मुकदमा दर्ज करने के निर्देष दिए थाना प्रभारी ने न्यायालय के निर्देष पर रिंकूपाल और उनके समर्थकों के विरुद्ध गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरु कर दी। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी दबंगो के हौसले बुलंद रहे। एक आईजीआरएस के नाम पर बीती 28 अगस्त को कुछ राजस्व कर्मी उसी ग्राम समाज की जमीन पर नाप-जोख करनी शुरु कर दी। पूरी पैमाइष करने के बाद उन्होने निषादेही सिर्फ अषोक तिवारी के कब्जे वाली जमीन पर लगायी। जबकि अधिकांष ग्राम समाज की जमीन पर सरहंगो द्वारा किये गये कब्जे की जमीन को ध्यान ही नही दिया। राजस्व टीम के जाने के बाद ही दबंग इतने पर ही संतुष्ट नही रहे। उन लोगों ने एक बार पुनः सबके सामने वृद्ध अषोक तिवारी और उसके बेटे की जमकर पिटाई कर दी। घायल अवस्था में बाप बेटे थाना लोनीकटरा पहुंचे लेकिन लोनीकटरा थाना प्रभारी ने कोई कार्यवाही नही की। दूसरे दिन 29 अगस्त को पीड़ित परिवार एसपी के दरबार पहुंचा एसपी के निर्देष के बाद आखिरकार पुलिस ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और उनके समर्थकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर घायल को मेडिकल के लिए भेज दिया। इस घटना के लगभग एक सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन दबंगो के विरुद्ध कार्यवाही की बात तो कौन कहे कोई भी पुलिसकर्मी घटनास्थल पर जांच करने तक नही पहुंचा। पीड़ित अषोक तिवारी और उनके बेटे बिजेन्द्र तिवारी का कहना है कि प्रधान प्रतिनिधि के विरुद्ध गम्भीर धाराओ में कई मुकदमें थाना लोनीकटरा थाने में पंजीकृत हैं। गांव में किसी भी ग्रामीण की इतनी हिम्मत नही है कि प्रधान प्रतिनिधि और प्रधान के विरुद्ध आवाज उठा सके। वहीं इस घटना के सम्बन्ध में थाना प्रभारी लोनीकटरा से जब जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि प्रधान प्रतिनिधि और उनके समर्थकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत है जांच की जा रही है जांच के बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी। वहीं हल्का लेखपाल रवि सागर से उनके मोबाइल फोन पर सम्पर्क करके जानकारी करने का प्रयास किया गया लेकिन दो बार फोन लगाने के बावजूद उधर से कोई जवाब नही आया। पीड़ित बिजेन्द्र का यह भी कहना है कि प्रधान प्रतिनिधि खुलेआम धमकी दे रहा है मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ पायेगा चाहे जितने मुकदमें मेरे खिलाफ थाने में दर्ज हो मैने पुलिस को खरीद लिया है। पीड़ित ने न्याय के लिए प्रदेष के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दरवाजा खटखटाया है।



