संपादक महफूज़ अहमद
लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थियों ने आज लखनऊ एससीईआरटी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया तथा गुहार लगाई कि सरकार 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में ऐसे अभ्यर्थी जो पिछले 6 साल से कोर्ट मे यांची बनकर याची लाभ की मांग कर रहे हैं उन्हें याची लाभ देकर इस मामले का निस्तारण कर दिया जाए ।
प्रदर्शन में विभिन्न जनपदों से आए आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा कि पिछले 6 साल से वह कोर्ट में यांची है और डबल बेंच का फैसला उनके पक्ष में है इसके बावजूद भी सरकार उन्हें न्याय नहीं दे रही जबकि वह कोर्ट में यांची बनाकर याची लाभ देकर मामले का निस्तारण कर दिया जाए यही एक बीच का रास्ता है और इससे किसी भी वर्ग का अहित नहीं होगा और वह इसको लेकर कई बार लखनऊ में आकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं और उन्हें आज एक बार फिर लखनऊ में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा है वहीं दूसरी तरफ कुछ अभ्यर्थियों ने लिस्ट रिविजट करने की मांग भी उठाई और कहा की जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता वह लखनऊ में धरना प्रदर्शन करते रहेंगे ।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप का कहना है कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले का यह मामला वर्ष 2020 में हाईकोर्ट सिंगल बेंच पहुंचा तथा 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट डबल बेंच ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की पूरी लिस्ट को ही रद्द कर दिया है लेकिन हम नहीं चाहते की इस भर्ती प्रक्रिया से अवैध शिक्षकों को अब 6 साल बाद बाहर किया जाए बल्कि हम चाहते हैं कि जितने भी आरक्षण पीड़ित याची अभ्यर्थी वर्ष 2020 से लेकर आज तक सुप्रीम कोर्ट में याची बनकर पिछले 6 साल से याची लाभ की मांग रहे हैं उन्हें याची लाभ का न्याय देकर इस मामले का निस्तारण कर दिया जाए यदि उत्तर प्रदेश सरकार ऐसा करती है तो यह मामला पूरी तरह से निस्तारित हो जाएगा इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दींपाकर दत्ता एवं जस्टिस शील नागू की बेंच में होने वाली सुनवाई में आरक्षण पीड़ित यांची अभ्यर्थियों के पक्ष में उत्तर प्रदेश सरकार याची लाभ का प्रपोजल पेश कर इस मामले का निस्तारण करें ।



