लखनऊ। इप्सेफ द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कर्मचारियों की समस्याओं का मिल बैठकर समाधान में इप्सेफ द्वारा प्रधानमंत्री को लगातार सुझाव दिया गया कि युवाओं, छात्रों, कर्मचारियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी पर तत्परता से मिल बैठकर समाधान निकाले, परन्तु उस पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
जिससे उग्र आन्दोलन देश भर में चल रहे है जो उग्र होते जा रहे है। अगर अभी भी उपेक्षा की गई तो देश भर का कर्मचारी भी आन्दोलन पर उतर आयेगा, क्योंकि केन्द्र व राज्यों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट जनवरी 2026 से लागू होनी है, परन्तु अभी कुछ पता नहीं है। पुरानी पेंशन बहाली को बहाल करना एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को विनियमितीकरण का प्रकरण भी लम्बित है।
इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी0पी0 मिश्र के द्वारा पत्र भेजकर आग्रह किया है कि इन समस्याओं पर मिल बैठकर समाधान निकाले, परन्तु देश भर का कर्मचारी भी आन्दोलन करने को बाध्य हो जायेगा। जिनका उत्तरदायित्व प्रधानमंत्री का होगा।
मिश्र ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि मिल बैठकर समाधान निकाले।



