👉25 अक्टूबर को लखनऊ में सत्याग्रह
लखनऊ। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने आमसभा कर अपने लिये न्याय प्राप्त करने की मुहिम की शुरुआत कर मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर जनपद न्यायालय कर्मियों के शासन में लंबित कार्यों पर एक माह में सकारात्मक कार्यवाही का अनुरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि संघ द्वारा जनपद लखनऊ में आमसभा आयोजित कर प्रदेश की जिला शाखाओं की उपस्थिति में अपने लिये न्याय पाने के लिये सत्याग्रह का रास्ता चुना है।
संघ के महासचिव नरेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र प्रेषित कर वर्ष 2021 एवं 2022 से लंबित जिला न्यायालय सेवा नियमावली संशोधन के प्रख्यापन, न्यायालय के आदेशानुपालन में संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी एवं नियमितीकरण, जनपद न्यायालयों में लोप हो चुके वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद का पुनर्सृजन, पूर्व वेतन 4600 के लिमिटेड कर्मियों को उसी विभाग के अन्य राजपत्रित प्रतिष्ठा प्रदान किये जाने तथा मकान किराया भत्ता की दरों के पुनरीक्षण हेतु अनुरोध किया है।
ये कार्य शासन स्तर पर काफी समय से लंबित हैं।
संघ द्वारा प्रेषित पत्र में मुख्यमंत्री से सीधा संवाद करते हुए संघ ने उक्त लंबित कार्यों को कराये जाने का अनुरोध किया है। संघ द्वारा मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र के संबंध में स्पष्ट किया कि 8 अगस्त को लखनऊ आमसभा में लिये गए निर्णय और 23 अगस्त की राज्य स्तरीय वर्चुअल बैठक में हुए विचार-विमर्श के बाद यह कदम उठाया जा रहा है।
2 सितम्बर 2026: प्रदेश के सभी जनपदों में जिला स्तरीय सभाएं आयोजित कर कर्मचारियों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
13 सितम्बर 2026: सभी जनपदों के क्षेत्रीय विधायकों के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती): सभी जिलों में शांतिपूर्ण ‘तिरंगा यात्रा’ निकालकर मांग बुलंद की जाएगी।
10 अक्टूबर मुख्यमंत्री एवं उच्च न्यायालय प्रशासन को अंतिम स्मरण पत्र भेजा जाएगा।
25 अक्टूबर अपेक्षित कार्रवाई न होने पर प्रदेश भर के कर्मचारी लखनऊ में एकत्र होकर सत्याग्रह करेंगे।



