संपादक महफूज़ अहमद
रेडियोलाजिस्ट ना होने की बात कहकर पल्ला झाड रहे जिम्मेदार
गौरीगंज -अमेठी।सरकार जहाँ एक तरफ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाए देने के लिए लाखों करोडो रूपये खर्च कर रही है तो वहीं केंद्र पर महीनों से बंद पडा अल्ट्रासाउंड केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है ताला बंद देखकर मरीज निजी केंद्रों पर लुट रहे हैं आला अफसर बेखबर हैं।
विकास खंड के अंतर्गत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर जहाँ चिकित्सा व्यवस्था बदहाल होकर मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है चिकित्सकों की मनमानी के चलते मरीज निजी केंद्रों पर जाकर अपना उपचार कराने को मजबूर हैं हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं जहाँ कभी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहती थीं तो वहाँ अब सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है स्थिति यह आ गई कि महीनों से अल्ट्रासाउंड केंद्र के दरवाजे पर ताला लटक रहा है यहाँ जब मरीज आते हैं तो पता चलता है कि कोई अल्ट्रासाउंड करने वाला डाक्टर मौजूद नहीं है खुरखुरा जवाब पाकर मरीज बैरंग लौटकर निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जाकर जांच करवाते हैं भुक्तभोगियों की मानें तो आसपास चल रहे दर्जनों अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड करने वाले प्रशिक्षित डाक्टर मौजूद नहीं रहते जिसका खामियाजा मरीजों को भोगना पड रहा है अल्ट्रासाउंड करने के लिए मरीजों से मनमानी पैसा भी वसूला जाता है वहीँ दूसरी तरफ जब मरीज डाक्टरों को रिपोर्ट दिखाने जाते हैं तो डाक्टर रिपोर्ट स्पष्ट ना आने की बात कहकर पुनःअल्ट्रासाउंड कराने को भेज देते हैं ऐसे हालातों मे मरीज निरंतर हाय तौबा करते रहते हैं तो वहीं निजी केंद्र संचालकों का दिन दूना रात चौगुना कमाऊ धंधा चटक रहा है गौरतलब हो कि यदि आला अफसरों ने गौर ना किया सरकारी केंद्र पर इसी तरह ताला झूलता रहा तो निजी केंद्रों की बल्ले बल्ले होकर सरकार का बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने का सपना धाराशयी हो सकता है।
इस संबंध मे सीएमओ अमेठी अंशुमान सिंह ने बताया कि केंद्र पर लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा रही बात अल्ट्रासाउंड केंद्र की तो वहाँ के चिकित्सक का तबादला हो चुका है जैसे कोई शासन की ओर से चिकित्सक आता है तो अल्ट्रासाउंड केंद्र पूर्व की तरह संचालित कर दिया जाएगा।



