संपादक महफूज़ अहमद
👉पीडीए परिवार ने आज़ाद बिन्द को श्रद्धांजलि अर्पित किया
लखनऊ /जौनपुर। विगत 01 मई को दूल्हा आज़ाद बिन्द की सत्ता संरक्षित अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था। मृतक की बहन कु. सौम्या बिन्द ने न्याय की गुहार लगाकर जौनपर कलेक्ट्रेट में 18 दिनों तक धरना दिया।
उसकी मांग थी कि उसके भाई के हत्यारों भोले राजभर, शोले राजभर, प्रदीप बिन्द आदि का भी रवि यादव की तरह इनकाउंटर हो और उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाय। लेकिन अपराधियों का तार भाजपा से जुड़े होने के कारण इनकाउंटर नहीं किया गया बल्कि ओमप्रकाश राजभर ने भोले राजभर व संजय निषाद ने प्रदीप बिन्द को अपने पास रखा और प्रशासन से सांठ गाँठ कर खुद ये मन्त्री जौनपुर लाकर आत्मसमर्पण करा दिया।सौम्या बिन्द द्वारा आज बड़ोउर स्थित आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था जिसमें बड़ी संख्या में तमाम सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद ने श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पूरी तरह जंगलराज वर्चस्ववाद स्थापित हो गया है, कानून व्यस्था ध्वस्त, अपराधी मस्त और पुलिस पस्त है। योगी आदित्यनाथ के रामराज में सत्ता संरक्षित अपराध बढ़ गया है। भाजपा से जुड़ाव के कारण आज़ाद बिन्द के हत्यारों को बचाने का काम किया गया।
गाज़ीपुर में विगत 3 जून को कमलेश बिन्द को उसकी ससुराल से उठाजर पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर फेक इनकाउंटर कर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में निषाद -बिन्द -कश्यप समाज अपने वोट की ताकत से भाजपा को 2012 की स्थिति में पहुँचा देगा।
श्रद्धांजली सभा को सपा जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, पूर्व विधायक अरशद खान, वीआईपी जिलाध्यक्ष इंद्रजीत निषाद, सपा जिला महासचिव मो.हबीब, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद बिन्द, सांसद प्रतिनिधि मनोज मौर्य, समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष श्यामनारायण बिन्द, सदर विधानसभा अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव, रामकेश बिन्द, मनोज नागर, दिवाकर बिन्द, प्रेमादेवी निषाद, रामानंद निषाद, डॉ. अभयराज निषाद, रामभारत निषाद, रामजीत निषाद, जीतेन्द्र निषाद, मुरारी कश्यप, विवेक कहार आदि ने सम्बोधित किया।



