लखनऊ/गोरखपुर। भाजपा राज में पिछडो दलितों पर लगातार अन्याय अपमान हो रहा है। भाजपा सामाजिक न्याय की विरोधी है।जब तक भाजपा सरकार रहेगी तब तक पिछड़ों दलितों को न्याय नहीं मिलेगा।
समाजवादी सरकार बनने पर ही सामाजिक न्याय के स्थापना होगी और पिछड़े दलितो आदिवासी शोषित वंचित समाज को उनका हक अधिकार मिलेगा तथा बराबरी का सम्मान और हिस्सेदारी मिलेगी।
उक्त बातें आज गोरखपुर के विधानसभा गोरखपुर ग्रामीण के खोराबार मोहल्ला जमुना टोला सुबाबाजार में आयोजित पीडीए जनपंचायत में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पूर्वमन्त्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कही।
पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा ने झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया। अच्छे दिन का सपना दिखाया सरकार बनाया लेकिन किसी के अच्छे दिन नहीं आये। भाजपा राज में लगातार मंहगाई बेरोजगारी गरीबी भुखमरी बढ़ी है।
छात्रों नौजवानों के जन्तर मन्तर नयी दिल्ली पर आन्दोलन के समय दिल्ली पुलिस ने छात्रों नौजवानों को लाठियों से पीटा और छात्रों पर पैलट गन की गोली चलायी। अब भाजपा सरकार लाठी गोली चलाने वालों को बचाने में लगी है। भाजपा सरकार छात्रों नौजवानों की विरोधी है।भाजपा सरकार गरीब किसान नौजवान पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक विरोधी सरकार है इस सरकार को हटाने से ही सभी का भला होगा।
विश्वकर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा संरक्षित अपराधियों और पुलिस की सांठगांठ से पीडीए वर्ग की हत्या बेटियों के साथ दुष्कर्म की लगातार घटनाएं हो रही है जिसे पुलिस रोकने में नाकाम है। भाजपा सरकार के पुलिस के द्वारा प्रदेश में जितने फर्जी इनकाउंटर किये गये फर्जी मुकदमे लिखे गये पुलिस हिरासत में मौतें हो रही है उनमें ज्यादातर पीडीए वर्ग के लोगों की हो रही है। योगी राज में पुलिस धर्म और जाति देखकर बुलडोजर चला रही है। 22 बुल्डोजर की कार्यवाही केवल पिछड़े दलित मुस्लिमों के घर गिराने में किये गये। यह सरकार पीडीए विरोधी सरकार है।
भाजपा राज में पीडीए वर्ग के अकेले विश्वकर्मा समाज के 50 नौजवानों की हत्या और बेटियों के दुष्कर्म की घटनाएं हुई। अत्याचार करने वाले ज्यादातर भाजपा के सामन्ती वर्चस्ववादी सोच के लोग हैं। भाजपा का संरक्षण होने के कारण पुलिस ने अपराधियों के ऊपर कार्यवाही नहीं की उल्टे विश्वकर्मा समाज को न्याय दिलाने वाले समाजवादी पार्टी के लोगों के ऊपर मुकदमे लिखा गया। यह सरकार अपराधियों को बचा रही है जिससे विश्वकर्मा समाज को न्याय नहीं मिल रहा है।
विश्वकर्मा समाज के हित में सपा सरकार में किये गये सभी कार्य जैसे विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी विश्वकर्मा समाज के नौजवानों को आईटीआई का प्रमाण पत्र कुटीर उद्योग हेतु जमीन का पट्टा का आदेश भाजपा सरकार ने निरस्त कर विश्वकर्मा समाज के साथ अन्याय किया है। विश्वकर्मा समाज भाजपा सरकार को बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा सरकार का प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना केवल विश्वकर्मा वर्ग लोहार बढ़ई सोनार कुम्हार नाई आदि को मजदूर बनाता है। यह सरकार शिक्षा नौकरी रोजगार नहीं देना चाहती केवल पढ़ें लिखे नौजवान को टूल किट्स देकर मजदूरी कराना चाहती है। भाजपा विश्वकर्मा पीडीए विरोधी है। इस सरकार के रहते पीडीए समाज को कभी न्याय नहीं मिल सकता।
भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 22 परीक्षाओं में सरकारी नौकरियों की भर्ती में पिछड़े दलित पीडीए वर्ग के आरक्षित 11514 पदों पर सामान्य और उच्च वर्ग के लोगों की भर्ती करके पिछड़े दलितो के आरक्षण को छीना है। भाजपा सरकार पिछड़े दलितो की विरोधी है। भाजपा राज के पिछले 10 वर्षों में 20 परीक्षाएं लीक हुए और लाखों नौजवानों नौकरी से वंचित रह गये। सरकार जान बूझकर परीक्षा लीक कराती है ताकि नौजवानों को नौकरी न देना पड़े। नौकरी नहीं मिलेगी तो आरक्षण नहीं देना पड़ेगा। भाजपा सरकार पिछड़े दलितो को शिक्षा नौकरी आरक्षण से वंचित करना चाहती है।
भाजपा सरकार पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक नौजवान किसान गरीब मजदूर विरोधी सरकार है। इसे 2027 में भाजपा सरकार हटाना है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना है ताकि प्रदेश के नौजवानो किसानों गरीबों और पीडीए वर्ग का भला हो सकेगा और प्रदेश में सामाजिक न्याय के राज की स्थापना हो सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सच्चिदानन्द यादव तथा संचालन महासचिव जितेन्द्र यादव ने किया।
कार्यक्रम को पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी सपा प्रदेश सचिव दयाशंकर निषाद राजेश पासवान अखिलेश यादव गणेश पासवान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनोरंजन यादव सपा महासचिव रामनाथ यादव शहादत अली अरुण पासवान राम रतन यादव चन्दा पासवान सुनील यादव राजीव यादव राम ललित यादव अर्जुन यादव शम्भू नाथ साहनी सपा नेता विनोद विश्वकर्मा सपा नेत्री संगीता विश्वकर्मा संतोष विश्वकर्मा बाबूराम विश्वकर्मा इं० सुशील विश्वकर्मा रामभवन शर्मा विश्वकर्मा ब्रिगेड जिलाध्यक्ष अमित विश्वकर्मा रमेश विश्वकर्मा पवन विश्वकर्मा अवधेश विश्वकर्मा सत्यनारायण विश्वकर्मा नीरज विश्वकर्मा अपील देव विश्वकर्मा ने सम्बोधित किया।



