संपादक महफूज़ अहमद
लखनऊ। चिकित्सा सेवा को मानवता का सबसे बड़ा धर्म मानने वाले वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. रमेश चंद्रा को समाज और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए एक पहल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘शाम-ए-ख़ास’ कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के राज्य मंत्री वैश्य नटवर गोयल ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में डॉ. चंद्रा की निस्वार्थ सेवा, मानवीय सोच और सामाजिक सरोकारों की मुक्त कंठ से सराहना की गई।
कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में जब स्वास्थ्य व्यवस्था अभूतपूर्व संकट से जूझ रही थी, उस समय डॉ. रमेश चंद्रा हजारों जरूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद का पर्याय बनकर सामने आए। उन्होंने अस्पतालों तक सीमित रहने के बजाय फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया तथा ऑक्सीजन, अस्पताल में बेड, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने संपर्क माध्यम आमजन के लिए खुले रखे और दिन-रात सहायता उपलब्ध कराकर सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉ. चंद्रा की पहचान ऐसे चिकित्सक के रूप में है, जिन्होंने चिकित्सा सेवा को संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ा। जरूरतमंद मरीजों के फोन आधी रात में भी उठाना, उनकी स्थिति समझकर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को हरसंभव सहयोग देना उनकी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रहा है।
डॉ. चंद्रा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त अनैतिक प्रवृत्तियों के खिलाफ भी लगातार आवाज उठाई। उन्होंने कॉर्पोरेट अस्पतालों में अनावश्यक जांच, महंगे पैकेज और मरीजों के आर्थिक शोषण का खुलकर विरोध करते हुए कहा कि मरीज की मजबूरी को मुनाफे का साधन बनाना सबसे बड़ा अमानवीय अपराध है।उनका स्पष्ट मानना है कि चिकित्सा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।
राज्य मंत्री वैश्य नटवर गोयल ने कहा कि डॉ. रमेश चंद्रा ने अपने सेवा कार्यों से समाज में एक प्रेरणादायी उदाहरण स्थापित किया है। कोविड काल में उनकी सक्रिय भूमिका और जनसेवा की भावना सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सकों का सम्मान वास्तव में समाज की सेवा और मानवीय मूल्यों का सम्मान है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि मरीजों और समाज का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सेवा का यह सफर आगे भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जारी रहेगा तथा हर जरूरतमंद तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने का उनका प्रयास निरंतर चलता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि डॉ. रमेश चंद्रा को समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘बेस्ट सोशल वर्कर’, भारत गौरव सम्मान, उत्तर प्रदेश गौरव पुरस्कार और राष्ट्रीय गौरव सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। देश की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी उनके सेवा कार्यों की सराहना की है। चिकित्सा सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय ने उन्हें प्रदेश के अग्रणी समाजसेवी चिकित्सकों में विशिष्ट पहचान दिलाई है।



