अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद उड़ा रहे आरटीआई एक्ट की धज्जियां आखिर अधिशासी अधिकारी को किस बात का डर कि जानकारी देने में छूट रहे पसीने
जिला अधिकारी कार्यालय भी अपने आदेशों का पालन कराने में हुआ नाकाम
दिनांक 12 अप्रैल 26 को अपने पत्रांक संख्या 25 / ज सू अ/आ 26-27द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को जिला अधिकारी कार्यालय ने दिया था निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध कराने का आदेश
जिला अधिकारी कार्यालय सुल्तानपुर के पत्र को अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद ने डाला रद्दी की टोकरी में
समीक्षा बैठक के नाम पर अधिकारी पूरा कर रहे कागजी कोरम ।तीन सौ से अधिक जनसूचना वर्षों से फाइलों में लंबित अभी तक नहीं दी गई सूचना
निष्पक्ष हो जांच तो खुल सकती है बड़े पैमाने पर नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार की पोल❗
सरकारी काम काज व योजनाओं का एक आम नागरिक पारदर्शी तरीके से पता लगा सके और भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए सरकार द्वारा जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 पारित कर इसमें हर एक व्यक्ति को जानकारी प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है कोई भी व्यक्ति कही से भी जनसूचना अधिकार कानून के अंतर्गत सूचना मांग सकता है जिसके तहत उस विभाग के जनसूचना अधिकारी से आर टी आई एक्ट के नियमों के तहत एक माह में आवेदक को वह जानकारी देनी होती है लेकिन जनसूचना अधिकारी अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद द्वारा सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है
भ्रष्टाचार के विरुद्ध आर टी आई एक्ट सशक्त हथियार है आम आदमी जनसूचना के अधिकार कानून को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक शास्त्र जनता है लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से जनसूचना अधिकार कानून भ्रष्टाचारबकी भेंट चढ़ गया क्यों कि आम आदमी द्वारा मांगी गई जनसूचना विभागीय अधिकारी समय से नहीं दे रहे इससे साफ जाहिर है कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को सार्वजनिक करने से डरते हैं एक मामले में जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा अधिशासी अधिकारी को नगर पालिका द्वारा कराए गए निर्माण से जुड़े एक जनसूचना के प्रकरण में दिनांक 12 अप्रैल 26 को अपने पत्रांक 25/ज सू अ/आ 2026-27 द्वारा निर्धारित दिवस के भीतर सूचना उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया था लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी अपने आदेश का पालन कराने में जिला अधिकारी कार्यालय नाकाम रहा
जिले में जनसूचना अधिकार कानून से जुड़े मामले में जिलाधिकारी या उनके प्रतिनिधि प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा बैठक करके जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के काम काज का समीक्षा करना होता है आवेदकों के समस्या का निस्तारण सुनिश्चित करना होता है लेकिन नगर पालिका परिषद के जनसूचना रजिस्टर को देखने से साफ जाहिर है कि जिले के आला अधिकारी सिर्फ कागजों पर समीक्षा बैठक करके कागजी कोरम पूरा करने में लगे हैं।



