संपादक महफूज़ अहमद
लखनऊ/मीरजापुर। समाजवादी पार्टी कार्यालय मिर्जापुर में आयोजित पार्टी के पदाधिकारियों की मासिक बैठक तथा पीडीए समाज के लोगों को सम्बोधित कर सभी से समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने और अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। जब तक भाजपा सरकार रहेगी तब तक पिछड़ों दलितों पर अन्याय और अपमान होता रहेगा। सपा सरकार बनने पर ही पीडीए वर्ग को न्याय मिलेगा और प्रदेश के हर वर्ग का विकास होगा।
उक्त बातें मीरजापुर विधानसभा के समाजवादी पार्टी कार्यालय में विश्वकर्मा पीडीए जन चौपाल में पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा।
पीडीए पंचायत में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पूर्वमन्त्री रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा राज में लगातार विश्वकर्मा समाज पिछड़े समाज पर अत्याचार हो रहे है। गरीबों पिछड़ों दलितों पर हत्या बेटियों के दुष्कर्म जमीनों पर कब्जे आम बात हो गयी है। उत्पीड़न करने वाले भाजपा समर्थक हैं। जिसके डर से भाजपा सरकार में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। भाजपा राज में अब हम अत्याचार नहीं सहेंगे।
सभी विश्वकर्मा समाज के लोग मिलकर मुकाबला करें संघर्ष करें और अपना सम्मान और अधिकार लेकर रहें। सभी मिलकर भाजपा को हटायें और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनायें तब न्याय मिलेगा।
पूर्वमंत्री ने कहा कि भाजपा राज में मंहगाई, बेरोजगारी,गरीबी भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है।आम जन का जीना दूभर हो गया। किसान नौजवान पिछड़े दलित अल्पसंख्यक महिलाएं सभी उत्पीड़न हो रहा है। जाति और धर्म देखकर भाजपा राज में अपमान किया जा रहा है।
पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने सभी विश्वकर्मा समाज पिछड़े समाज से अपील की अब कोई भाजपा को वोट न करें। सभी मिलकर वोट समाजवादी पार्टी को वोट करें और समाजवादी सरकार बनायें। जब तक सपा की सरकार नहीं बनेगी तब तक पीडीए वर्ग को न्याय नहीं मिलेगा। केवल अखिलेश यादव ही पीडीए का दर्द समझते हैं और पीडीए की मदद कर रहे हैं। सब लोग मिलकर अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनायें।
भाजपा राज में नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही है। भाजपा राज में पिछड़े वर्गों का आरक्षण में बड़ा घोटाला किया गया। प्राइमरी और सरकारी स्कूलों को बन्द करके प्रदेश के गरीबों पिछड़ों दलितों को शिक्षा से वंचित करने की साज़िश चल रही है। शिक्षा आरक्षण और नौकरी रोजगार हमारा मौलिक अधिकार है। भाजपा इसे छीनना चाहती है।
भाजपा संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रही है। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में हमें वोट के बराबरी का अधिकार दिया। भाजपा संविधान में दिये अधिकार को छीनना चाहती है। हमें संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिये समाजवादी पार्टी को मजबूत करना होगा और समाजवादी सरकार बनानी होगी।देश में अकेले श्री अखिलेश यादव जी नेता हैं जो संविधान और लोकतंत्र बचाने पीडीए वर्ग को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड रहे हैं।
हम सभी का कर्तव्य है कि हम सभी उनका साथ दे और समाजवादी पार्टी की सरकार बनायें। जनता बदलाव चाहती है। सभी लोग मिलकर अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनायें तभी संविधान और लोकतंत्र बचेगा और प्रदेश की तरक्की होगी।
विश्वकर्मा ने कहा समाजवादी पार्टी की सरकार में हमेंशा विश्वकर्मा समाज को मंत्री बनाया गया। सरकार में हिस्सेदारी दी गयी। समाज को तरक्की के रास्ते पर लाकर मजबूत किया गया। भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस 17 सितम्बर का सार्वजनिक अवकाश घोषित करके देश में विश्वकर्मा का सम्मान बढ़ाने का काम नेताजी ने और माननीय अखिलेश यादव ने किया था।
भाजपा सरकार ने भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस के सार्वजनिक अवकाश को निरस्त करके भगवान विश्वकर्मा का अपमान किया। विश्वकर्मा समाज का सम्मान गिराया। हमें इस बात को याद रखना होगा कि भाजपा विश्वकर्मा समाज की विरोधी है। विश्वकर्मा ने कहा कि कुछ लोग लोकल विश्वकर्मा पार्टी बनाकर विश्वकर्मा समाज को गुमराह कर रहे हैं। विश्वकर्मा समाज ऐसे नेताओं के भ्रम में न आये। अगर वोटों का बंटवारा होगा तो भाजपा को ताकत मिलेगी।
इसलिए विश्वकर्मा समाज अन्य नेताओं के झूठ से बचें और समाजवादी पार्टी का साथ दे। समाजवादी पार्टी ही सरकार बनायेगी और सभी को सम्मान और अधिकार देगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी और संचालन महासचिव आदर्श यादव ने किया।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव पूर्व विधायक जगदम्बा सिंह पटेल पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव सुरेंद्र सिंह पटेल सतीश श्रीवास्तव सुनील पटेल पूर्व नगरपालिका प्रत्याश सतीश मिश्रा पूर्वमंत्री मुन्नी यादव पूर्व प्रत्याशी मझवा लल्लू शुक्ला पूर्व ब्लाक प्रमुख रमाशंकर कोल अशोक सिंह मुन्ना विश्वकर्मा महासभा जिलाध्यक्ष दीपक विश्वकर्मा प्रदेश सचिव ब्रह्मानंद विश्वकर्मा सुभाष विश्वकर्मा विश्वकर्मा ब्रिगेड जिलाध्यक्ष विजय विश्वकर्मा महासचिव संजय विश्वकर्मा सुनील विश्वकर्मा पप्पू विश्वकर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।



